शब्द भर जीवन शब्द भर जीवन ....................... ये शब्द... चलते हैं मेरे जीवन के साथ - साथ जीवन भर निरंतर इक आशा लिए ! रीतने की प्रक्रिया में…
" शब्द-शब्द " का प्रखर कवि अंतस " मेरी कविता आयास रचित नहीं, अनुभूत होती है, दुःख-सुख, वेदना और संवेदना की प्रसूत होती है, जब जब भी जुल्मोसितम बरपा होता है इंसानियत…
“अँधेरे के ख़िलाफ़”-जैसे मैंने समझा वरिष्ठ लेखक आदरणीय राम पाल श्रीवास्तव जी का काव्य संग्रह “अँधेरे के ख़िलाफ़” कुछ दिनों पहले प्राप्त हुई थी. समय अभाव के कारण पढ़ न…
शब्द श्री शब्द श्री ने दर्शन दिए मेरी श्रद्धा - भक्ति से प्रसन्न हुए कहा - मैं चाहता हूं कुछ बताऊं तुमको मैं कौन हूं ? क्या…
शब्द - शब्द शब्द क्या है ? अंदर का बंधन अनहद नाद दिलों तक पहुंचने का तार रूह को तर - बतर का औज़ार झंकृत करता शब्दकार हक़ीक़त…
हमें गण समाज चाहिए आज गीत बिकते हैं उनका चीर - हरण होता है बेचे जाते हैं सरेराह लिखने से पहले बिक जाते हैं ! बिक जाते हैं गीतकार…
"अवतारवाद - एक नई दृष्टि" का सफल मंतव्य अवतारवाद पर राम पाल श्रीवास्तव जी की किताब "अवतारवाद एक नई दृष्टि " सच में एक नई दृष्टि लेकर हमारे सामने आई है। किताब को…
"कहानियों का कारवां" की नितांत पठनीयता वाकई किसी कवि ने कहा था - हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे, कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे । किसी कवि की उक्त पंक्तियाँ उस…
राम पाल श्रीवास्तव जी का उपन्यास ‘त्राहिमाम युगे युगे’ प्राप्त हुआ है। ‘त्राहिमाम युगे युगे’ एक संस्कृत वाक्यांश है। जिसका अर्थ है– “हे प्रभु, हर युग में मेरी रक्षा करो।” ‘त्राहिमाम युगे युगे’ न्यू वर्ल्ड Read more…
यह उपन्यास एक नए प्रयोग के कारण अन्य भारतीय उपन्यासों से अलग है। उपन्यास में शीर्षक देना तथा छोटी-छोटी घटनाओं को जोड़ते हुए अध्यायों का शक्ल देते हुए समुचित आकार ग्रहण करना इस उपन्यास की Read more…